ppt for bal mujduri in hindi

devanshusharma712 21,766 views 13 slides Jul 21, 2014
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About This Presentation

this ppt is made on bal mujduri such students are working on shops , stores,piking garbage from streets etc.


Slide Content

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बाल-श्रम   बाल-श्रम  का मतलब ऐसे कार्य से है जिस मे की कार्य करने वाला व्यक्ति कानून द्वारा निर्धारित आयु सीमा से छोटा होता है.

इस प्रथा को कई देशों और अंतर्राष्ट्रीय संघटनों ने शोषित करने वाली माना है . अतीत में बाल शका कई प्रकार से उपयोग किया जाता था, बाल श्रम अभी भी कुछ देशों में आम है.

आज दुनिया भर में 215 मिलियन ऐसे बच्चे हैं जिनकी उम्र 14 वर्ष से कम है। इन बच्चों का समय स्कूल में कॉपी-किताबों और दोस्तों के बीच नहीं बल्कि होटलों, घरों, उद्योगों में बर्तनों, झाड़ू-पोंछे और औजारों के बीच बीतता है । भारत में यह स्थिति बहुत ही भयावह हो चली है। दुनिया में सबसे ज्यादा बाल मजदूर भारत में ही हैं। 1991 की जनगणना के हिसाब से बाल मजदूरों का आंकड़ा 11.3 मिलियन था। 2001 में यह आंकड़ा बढ़कर 12.7 मिलियन पहुंच गया। 

बाल मजदूरी देश के लिए अभिशाप कई सरकारें बाल मज़दूरों की सही संख्या बताने से बचती हैं. ऐसे में वे जब विशेष स्कूल खोलने की स़िफारिश करती हैं तो उनकी संख्या कम होती है, ताकि उनके द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों और कार्यकलापों की पोल न खुल जाए.

यह माना जाता है कि भारत में 14 साल के बच्चों की आबादी पूरी अमेरिकी आबादी से भी ज़्यादा है. भारत में कुल श्रम शक्ति का लगभग 3.6 फीसदी हिस्सा 14 साल से कम उम्र के बच्चों का है . हमारे देश में हर दस बच्चों में से 9 काम करते हैं. ये बच्चे लगभग 85 फीसदी पारंपरिक कृषि गतिविधियों में कार्यरत हैं,

समीक्षा वेश्यावृत्ति या उत्खनन, कृषि, माता पिता के व्यापार में मदद, अपना स्वयं का लघु व्यवसाय (जैसे खाने पीने की चीजे बेचना), या अन्य छोटे मोटे काम हो सकते हैं कुछ बच्चे पर्यटकों के गाइड के रूप में काम करते हैं, कभी-कभी उन्हें दुकान और रेस्तरां ( जहाँ वे वेटर के रूप में भी काम करते हैं) के काम में लगा दिया जाता है

कई एनजीओ समाज में फैली इस कुरीति को पूरी तरह नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं। इन एनजीओ के अनुसार 50.2 प्रतिशत ऐसे बच्चे हैं जो सप्ताह के सातों दिन काम करते हैं। 53.22 प्रतिशत यौन प्रताड़ना के शिकार हो रहे हैं। बाल मजदूर की इस स्थिति में सुधार के लिए सरकार ने 1986 में चाइल्ड लेबर एक्ट बनाया जिसके तहत बाल मजदूरी को एक अपराध माना गया

समीक्षा आख़िरकार अतिरिक्त पैसे के लिए ही तो माता-पिता अपने बच्चों से मज़दूरी करवाते हैं. इसीलिए किसी भी तरह आर्थिक सहायता जारी रहनी चाहिए .

समीक्षा ऐसे में हर किसी को यह लगता है कि इस संदर्भ में एक सामान्य नियम होना चाहिए, ताकि ऐसे लोगों के  लिए एक विशेष वर्ग निर्धारित हो सके. जैसे एससी, एसटी, ओबीसी, सैनिकों की विधवाओं, पूर्व सैनिक और अपाहिज लोगों के लिए एक अलग वर्ग निर्धारित किया जा चुका है .

बाल श्रम के खिलाफ अभियान बाल श्रम  औद्योगिक क्रांति .के आरम्भ के साथ ही प्रारम्भ हो गया उदाहरण के लिए,  कार्ल मार्क्स  ने अपने  कम्युनिस्ट घोषणा पत्र  . में कहा " कारखानों में मौजूदा स्वरूप में बाल श्रम का त्याग "यह बात भी गौर करने योग्य है

बाल श्रम के खिलाफ अभियान बाल मजदूरी को जड़ से खत्म करने के लिए जरूरी है गरीबी को खत्म करना।  सरकार को कुछ ठोस कदम उठाने होंगे सरकार ही नहीं आम जनता की भी इसमें सहभागिता जरूरी है । हर एक व्यक्ति जो आर्थिक रूप से सक्षम हो देश के सुरक्षित भविष्य के लिए वक्त आ गया है कि आपको यह जिम्मेदारी अब लेनी ही होगी। क्या आप लेंगे

ये सारे कार्य " वस्त्र उत्पादन की तुलना में अधिक खतरनाक और विस्फोटक है ".इस अध्ययन से यह निष्कर्ष निकलता है कि " भुथरे उपकरणों के दीर्घकालिक प्रयोग की भांति ऐसे परिणाम से बच्चो को फायदा की जगह हानि ज्यादा हो सकता है". आज कई उद्योग और निगम हैं जिनको कार्यकर्ताओं द्वारा बाल श्रम के कारण लक्षित किया जा रहा है .